ऐसे ही अनगिनत सवाल हम आपके लिए लाए है जो आपको जानना बहुत ही जरुरी है।
1-क्या बिना बादल के बरसात हो सकती है ।
जी हा ,नीले आसमान से भी बारिश की बूद आपके सर पर गिर सकती है | हालाकी ये घटना बहुत ही कम बार घटती है |इस घटना को सेरैन कहते है| ये एक फ्रेंच वर्ड है |जिसका अर्थ होता है खाली । ये घटना हमेशा अमूमन शाम को ही घटती है। सेरैन जब तापमान बहुत ही कम होता है। तो वातावरण मे उपस्थित पानी की बुदों को जिसे हीरे का धूल भी आप कह सकते हो । बर्फीले क्रिस्टल के रूप मे उड़ता रहता है।जहा पर वातावरण का दबाव कम होता है।वहा ये क्रिस्टल टूटकर बूद के रूप मे गिरने लगती है।जिसे नीले आसमान की बरसात भी कहते है। आपने कहावत तो सुनी होगी की बिना बादल के बरसात होती है क्या ?इसलिए मेरा मानना है की आप हमेशा अपने छाता को अपने साथ रखे ।
2-हमारा मोबाईल क्यू गरम हो जाता है ।
ये उत्तर हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है जो मोबाईल का उपयोग करता है। हमारे फोन मे उपस्थित हर इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनन्ट मे ऊर्जा का उपयोग होता है । जो इलेक्ट्रान द्वारा उपजते है । हर एक इलेक्ट्रान मे गति होती है । और वो आपस मे टकराते भी है। जिससे सबंधित कम्पोनन्ट गरम होता चल जाता है। ये आपके डिवाइस मे तब ज्यादा होने लगता है जब एक इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनन्ट का दूसरे इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनन्ट से कनेक्शन ढीला हो जाता है।यानि उन्मे कनेक्शन की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिससे वो कम्पोनन्ट बराबर से ऊर्जा को दूसरे संबंधित कम्पोनन्ट की तरफ नहीं भेज पाता है। जिससे आपका फोन गरम होने लगता है। जीपीएस व वाई फ़ाई को ऑन करने पर हमारा फोन ज्यादा इसलिए गरम होता है क्युकी इस ऑपरेशन मे इलेक्ट्रान का प्रवाह काफी तेजी से होता है।
3-पटाखों से निकली रोशनी अधिकतर नीली क्यू होती है।
किसी भी उत्सव व जश्न पर हम राकेट, गाजर ,फुलझड़ी,व अन्य बहुत से पटाखे छुड़ाई जाते है।उनमें अधिकतर नीली रोशनी ही निकलती नजर आती है।यू तो पटाखों के रंग उनके योगिकों पर निर्भर करता है।जिससे वे बने होते है।लेकिन ज्यादा चमकदार उनमे सभी रंग सम्मिलित होते है।नीले रंग का तरंगदैर्ध्य अधिक होने के कारण वो बहुत ज्यादा मात्रा में दिखाई देता है।और अन्य रंग उस रंग में बिलुप्त हो जाते है।
4-काँच रंग बिरंगे कैसे बनते है?
ये बहुत ही रोचक तथ्य है कि हम जो अलग अलग रंग के काच का प्रयोग करते है उनमें रंग कैसे मिलाया जााता है। जैसे हरा रंग क्रोमिक आक्साइड ,लाल रंग मेगनीज़ डाई आक्साइड ,कोबाल्ट आक्साइड गहरा नीला व अन्य
प्रकार के रंग को रंगीन कांच बनाने मे किया जाता है।
5-कंप्युटर मे कैश मेमोरी किसे कहते है?
हाइ स्पीड मेमोरी को कंप्युटर का केस मेमोरी कहते है।
6-क्या होता है क्यू कार्बन ?
यह योगिक हाल मे ही खोजा गया कार्बन का अति सघन अभिनव रूप यानि ऐलो ट्रोप है।
आमतौर पर कार्बन के दो क्रिस्टल अपरूपों अर्थात ग्रैफाइट जिसका उपयोग पेंसिल बनाने मे किया जाता । व दूसरा अपरूप है हीरा जेपी काफी कठोर होता है। इनके अतिरिक्त भी कार्बन के की अपरूप पाए जाते है। जैसे बक-मिनसेर फूलोरीन जो 60 कार्बन परमाणु के साथ फूटबाल जैसे संरचना बनाती है। क्यू कार्बन प्रकृति मे नहीं पाया जाता है। हामारे विज्ञानिक जगदीश नारायण का मानना है की ये कार्बन का अपरूप यू रेनस व नेपच्यून जैसे ग्रहों पर पाया जाता है। आप सोच रहे होंगे की इसका उपयोग क्या है,और ये हामारे किस काम काम आ सकते है। सबसे पहले तो ये हीरे से 50% अधिक कठोर है। इसका क्यूरी ताप 500 डिग्री है। थोड़े से ही प्रकाश मे ये हीरे से भी अधिक तेज चमक सकता है। इनका उपयोग हामारे लिए उच्च वोल्टता इलेक्ट्रॉनिक के निर्माण मे व्यापक रूप मे उपयोग किया जा सकता है। चिकित्सीय छेत्र मे भी इसका व्यापक रूप दिखाई दे रहा है। इससे नैनो सुई व माइक्रो सुई बनाया जा सकता है।
7-भारत मे काँच उद्योग की शुरुवात किस ने की?
भारत मे काँच प्रद्योगिक की शुरुवात राम शरण दास ने रक्खी । इनके बारे मे विस्तार मे हम आओने अगले आर्टिकल मे बात करेंगे।
आपको हमारा आर्टिकल कैसा लगा इसके बारे मे हमे जरूर बताए ।
